उत्तर प्रदेश डिजिटल मीडिया पॉलिसी 2024, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, X (पूर्व में ट्विटर) और यूट्यूब का उपयोग करके सरकारी योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक ढांचा है। यह पॉलिसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल मीडिया एजेंसियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और अवसर प्रदान करती है।
इस गाइड में हम पॉलिसी के मुख्य प्रावधान, प्लेटफॉर्म पंजीकरण प्रक्रिया, वर्गीकरण, भुगतान संरचना, और सामग्री निर्माण के दिशा-निर्देशों को विस्तार से समझेंगे।
पॉलिसी की मुख्य विशेषताएं
1. पंजीकरण प्रक्रिया
इस पॉलिसी के तहत उत्तर प्रदेश सरकार के साथ काम करने के लिए, इन्फ्लुएंसर्स और एजेंसियों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
- सोशल मीडिया अकाउंट की आयु: पेज या चैनल कम से कम 2 साल पुराना होना चाहिए और इसका प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
- एनालिटिक्स रिपोर्ट: पिछले 6 महीनों की विस्तृत एनालिटिक्स रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे प्लेटफॉर्म की पहुंच, जुड़ाव और प्रदर्शन का आकलन किया जा सके।
- कोई लंबित एफआईआर नहीं: एजेंसी या व्यक्ति पर कोई लंबित एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) नहीं होनी चाहिए।
- शपथ पत्र: यह प्रमाणित करने के लिए कि सभी जानकारी सही है, शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य है। गलत जानकारी प्रदान करने पर अयोग्यता हो सकती है।
- उत्पादन सुविधा: इन्फ्लुएंसर या एजेंसी के पास अपना वीडियो प्रोडक्शन सेटअप होना चाहिए, जिसमें कंटेंट राइटर और एडिटर शामिल हों।
2. आवश्यक दस्तावेज़
पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे:
- फर्म का नाम और पंजीकरण प्रमाण पत्र – यह प्रमाण कि एजेंसी वैध रूप से पंजीकृत और संचालन में है।
- मालिक का आयकर रिटर्न (ITR) – वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए।
- पैन कार्ड – व्यक्ति या एजेंसी का पैन कार्ड।
- बैंक खाते का विवरण – भुगतान के लिए खाता संख्या, बैंक का नाम और IFSC कोड।
- आधार कार्ड – पहचान प्रमाण के लिए।
- संपर्क विवरण – सक्रिय ईमेल और फोन नंबर।
- शपथ पत्र – यह घोषित करने के लिए कि सूचीबद्ध सोशल मीडिया हैंडल या पेज आपके स्वामित्व में हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का वर्गीकरण
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उनके फॉलोअर्स की संख्या और सामग्री उत्पादन की मात्रा के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
फेसबुक/इंस्टाग्राम
श्रेणी | फॉलोअर्स की संख्या | मासिक सामग्री आवश्यकता |
---|---|---|
A | 10 लाख+ | 10 मूल वीडियो या 20 पोस्ट |
B | 5–10 लाख | 8 मूल वीडियो या 16 पोस्ट |
C | 2–5 लाख | 6 मूल वीडियो या 12 पोस्ट |
D | 1–2 लाख | 5 मूल वीडियो या 10 पोस्ट |
X (पूर्व में ट्विटर)
श्रेणी | फॉलोअर्स की संख्या | मासिक सामग्री आवश्यकता |
---|---|---|
A | 5 लाख+ | 15 मूल वीडियो या 30 पोस्ट |
B | 3–5 लाख | 12 मूल वीडियो या 30 पोस्ट |
C | 2 लाख | 10 मूल वीडियो या 20 पोस्ट |
D | 1 लाख | 8 मूल वीडियो या 15 पोस्ट |
यूट्यूब
श्रेणी | सब्सक्राइबर्स की संख्या | मासिक सामग्री आवश्यकता |
---|---|---|
A | 10 लाख+ | 12 मूल वीडियो |
B | 5 लाख | 10 मूल वीडियो |
C | 2 लाख | 8 मूल वीडियो |
D | 1 लाख | 6 मूल वीडियो |
भुगतान संरचना
प्लेटफॉर्म श्रेणी, सामग्री प्रकार और जुड़ाव स्तर के आधार पर भुगतान संरचना तय की गई है।
फेसबुक/इंस्टाग्राम/X (पूर्व में ट्विटर)
श्रेणी | प्रति पोस्ट आधार भुगतान | 10% पहुंच वृद्धि पर बोनस | अधिकतम भुगतान |
---|---|---|---|
A | ₹10,000 | ₹3,000 | ₹50,000 |
B | ₹8,000 | ₹2,000 | ₹40,000 |
C | ₹6,000 | ₹1,500 | ₹30,000 |
D | ₹5,000 | ₹1,000 | ₹20,000 |
यूट्यूब
श्रेणी | प्रति वीडियो आधार भुगतान | लाख व्यूज़ पर बोनस | अधिकतम भुगतान |
---|---|---|---|
A | ₹1,00,000 | ₹10,000 | ₹1,20,000 |
B | ₹60,000 | ₹10,000 | ₹1,20,000 |
C | ₹50,000 | ₹10,000 | ₹1,00,000 |
D | ₹40,000 | ₹10,000 | ₹80,000 |
सामग्री निर्माण के दिशा-निर्देश
1. विज्ञापन अधिकार
- केवल सूचना विभाग के निदेशक को विज्ञापन जारी करने का अधिकार होगा।
2. आपत्तिजनक सामग्री पर प्रतिबंध
- राष्ट्रविरोधी, आपत्तिजनक, या सामाजिक रूप से हानिकारक सामग्री को कड़ी सजा और अयोग्यता का सामना करना पड़ेगा।
3. सामग्री प्राथमिकता
- उत्तर प्रदेश की संस्कृति, विकास और खबरों को बढ़ावा देने वाले प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दी जाएगी।
4. भुगतान शर्तें
- अधिकृत सॉफ़्टवेयर द्वारा उत्पन्न मेट्रिक्स के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
5. सामग्री पुन: उपयोग पर रोक
- एक अभियान के लिए बनाई गई सामग्री का दोबारा उपयोग अन्य प्लेटफॉर्म या एजेंसियों द्वारा नहीं किया जा सकता।
यह नीति क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर प्रदेश डिजिटल मीडिया पॉलिसी 2024 डिजिटल प्रचार में संरचना, पारदर्शिता और व्यावसायिकता लाने का प्रयास करती है।
1. उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री को बढ़ावा
- प्रदर्शन आधारित भुगतान प्रणाली से उच्च गुणवत्ता और जुड़ाव सुनिश्चित होता है।
2. स्थानीय संस्कृति का समर्थन
- उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को प्राथमिकता देकर सामुदायिक गर्व और जुड़ाव को बढ़ावा देती है।
3. निष्पक्षता सुनिश्चित करना
- स्पष्ट दिशा-निर्देश और संरचना नैतिक प्रथाओं और जवाबदेही को प्रोत्साहित करते हैं।
4. डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
- इन्फ्लुएंसर और एजेंसियों की भागीदारी से राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूती मिलती है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश डिजिटल मीडिया पॉलिसी 2024 डिजिटल प्रचार के लिए एक मानक स्थापित करती है। यह न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करती है बल्कि इन्फ्लुएंसर्स और एजेंसियों को राज्य के विकास में योगदान करने का सुनहरा अवसर भी प्रदान करती है।
इस पॉलिसी के तहत सफल होने के लिए:
- पंजीकरण आवश्यकताओं का पालन करें।
- उच्च गुणवत्ता और मौलिक सामग्री पर ध्यान दें।
- दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
क्या आप इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं? नवीनतम नीतियों और दिशा-निर्देशों के साथ अपडेट रहें और इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं! 🎥📱
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